

भजन गांधी के विरोधीयो, आगे जरा आओ । कुछ करके दिखाओ, और जनताको सुखाओ ।। टेक।।गांधीने अपना खुनभी सच काममे सिंचा । घरघरमें सत्य नीतीका चित्रही खीचा । अब तो नही रहे वह, तुम करके दिखाओ ||१|| जीवनमें जीसने कुछ भी लायी है भलाई। जनता को अपने ढंगसे सुभीता है दीलाई एहसान मान उसके, यह बांग सिंचाओ ||२॥ गांधी तो कहा करते थे राम प्रिय है सच काम प्रिय है, ना आराम प्रिय है तुमभी तो कही बिगडोको, राह दिखाओ ||३|| गांधीने सिखाया जो हमने नही माना । करके तो आज दिखता है कैसा जमाना । कहता है दास तुकड्या, निंदाही ना गाओ- राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज