सुविचार
मै धर्मको भी मानता,
अरू पंथ को भी मानता । हर संतको भी मानता, अरहंत को भी मानता ।
मेरा मगर मतलब कही, इन पंथ संतोसे नही ।
है सत्य सबका एकही,
ईश्वर भी सबका एकही ।।
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